आनंद ही आनंद ... पैर रहते रेंगना बहुत मुश्किल होता है,जुबान रहते चुप रहना मुश्किल होता है, दिमाग रहते गलत-सही सब मान लेना मुश्किल होता है लेकिन मुश्किल नहीं होता कहना- कर लो जो करना है। हम अपनी लिखें और उन्हें जो जी में आए करने दें, आएं व्यवस्थित समाज के बीच बर्बर समाज बनाए, कुछ आप तोड़े, कुछ तोड़-फोड़ हम मचाएं-हां जी सर,हां जी सर कल्चर के खिलाफ बिगुल बजाएं..
Sunday, July 19, 2009
पंचायत के आगे नतमस्तक है सरकार नहीं सम्भाल पा रहा है प्रशासन यंहा की व्यवस्था .......... जहा हम सारी दुनिया के साथ कदम ताल कर रहे है वही अभी हम हरियाणा में काफी पीछे है .......जहा लड़कियों के जनसंख्या काफी कम है शादी परेशानी और मौत का दूसरा नाम है ....अगर हो भी जाये तो गोत्र ...नहीं जीने देती क्यों की हमारे गोत्र में शादी .............अभी हाल में हुई एक घटना में एक लड़के ने I इसीलिए जहर खा लिया ........और पंचायत ने उसके परिवार वालो को सामाजिक बहिष्कार कर गाँव छोड़ने का तुगलकी फरमान सुना डाला ...क्यों की उन्होंने उस लड़की से शादी की जिस गोत्र के लोग उस गाँव में रहते थे ............शुरू हो गया पंचायतो का दौर और हुआ वही जिसका डर था ..........गाँव से निकल जाने का आदेश पंचायत द्वारा .............कई बार उठा बैठक हुई लेकिन फैसला वही रहा .......या तो गाँव छोडो या लड़की को लड़का तलक दे कर अपनी बहन माने आप ही सोचिये ये TUGLKI PHERMAN नहीं तो और क्या है ...क्या ESHI भारत की कल्पना हमारे महापुरषों ने की थी ..आज जहा सब स्वतंत्र है ....जहा दूसरी जाति शादी करनी को प्रोत्सहन दिया जाता है ..वही यहाँ DUSHRI गोत्र में शादी करने पर भी हंगामा बरपा रही है पंचायत .......और तो और प्रशासन भी नाकाम है वह पीडित परिवार को सही न्याय नहीं दिला पा रही है .......ये पंचायत क्या करेगी अभी तो पता नहीं .......लेकिन लड़के ने जहर खा कर अपनी जीवन लीला समाप्त करने की कोशिश जरुर की
पंचायत के आगे नतमस्तक है सरकार नहीं सम्भाल पा रहा है प्रशासन यंहा की व्यवस्था .......... जहा हम सारी दुनिया के साथ कदम ताल कर रहे है वही अभी हम हरियाणा में काफी पीछे है .......जहा लड़कियों के जनसंख्या काफी कम है शादी परेशानी और मौत का दूसरा नाम है ....अगर हो भी जाये तो गोत्र ...नहीं जीने देती क्यों की हमारे गोत्र में शादी .............अभी हाल में हुई एक घटना में एक लड़के ने I इसीलिए जहर खा लिया ........और पंचायत ने उसके परिवार वालो को सामाजिक बहिष्कार कर गाँव छोड़ने का तुगलकी फरमान सुना डाला ...क्यों की उन्होंने उस लड़की से शादी की जिस गोत्र के लोग उस गाँव में रहते थे ............शुरू हो गया पंचायतो का दौर और हुआ वही जिसका डर था ..........गाँव से निकल जाने का आदेश पंचायत द्वारा .............कई बार उठा बैठक हुई लेकिन फैसला वही रहा .......या तो गाँव छोडो या लड़की को लड़का तलक दे कर अपनी बहन माने आप ही सोचिये ये TUGLKI PHERMAN नहीं तो और क्या है ...क्या ESHI भारत की कल्पना हमारे महापुरषों ने की थी ..आज जहा सब स्वतंत्र है ....जहा दूसरी जाति शादी करनी को प्रोत्सहन दिया जाता है ..वही यहाँ DUSHRI गोत्र में शादी करने पर भी हंगामा बरपा रही है पंचायत .......और तो और प्रशासन भी नाकाम है वह पीडित परिवार को सही न्याय नहीं दिला पा रही है .......ये पंचायत क्या करेगी अभी तो पता नहीं .......लेकिन लड़के ने जहर खा कर अपनी जीवन लीला समाप्त करने की कोशिश जरुर की
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