Sunday, April 3, 2016

ये है जलवा जलाल

घंटे भर में सस्पेंड हुए कदमकुआं के थानेदार-ज्ञानेश्वर
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आपको मैंने कल ही बताया था कि पटना के थानेदार किस कदर बहक गए हैं। आम आदमी का तो सुनते ही नहीं हैं कई थानेदार। मसला आज फिर से फंस गया। क्लिक कर सुनिएगा पूरा आडियो। दरअसल, कदमकुआं थाने से परेशान मुकेश ने सुबह अपनी पीड़ा हमें बताई। असम की रहने वाली मुकेश के घर की मेड दो - तीन दिनों पहले भाग गईं थी। अपना सामान छोड़ घर का कुछ सामान ले गई थी। थाने में रिपोर्ट लिखानी थी। कोई वहां सुनने को तैयार नहीं था।
मुकेश की पीड़ा जानने के बाद आज हमने दोपहर में एसएसपी से बात करने की कोशिश की, लेकिन संभव नहीं हो पाया। फिर हमने थानेदार से ही बात करने में कोई बुराई नहीं समझी। लेकिन हमें इसकी जानकारी थी कि कदमकुआं के थानेदार सुधीर कुमार बातचीत में ठीक से पेश नहीं आते। सो, होशियारी बरतते हुए मैंने कॉल की रिकार्डिंग की। जैसा अंदेशा था, वैसा ही हुआ। इतनी बदतमीजी तो उम्मीद से परे थी। थानेदार ने कहा - वे 22 वर्षों से पटना के थानों में हैं। मैंने कहा - अरे भाई, 26 वर्षों से हमने भी पटना में क्राइम रिपोर्टिंग की है। लेकिन ये बहके थानेदार मानने वाले कहां थे।
बातचीत के बाद मैंने आॅडियो को वाट्सएप पर वायरल किया। पटना के सभी क्राइम रिपोर्टर भी समर्थन में आगे आए। परिणाम, घंटे भर के भीतर थानेदार को सस्पेंड किया पटना के एसएसपी मनु महाराज ने। उन्होंने कहा - ऐसे लोग बर्दाश्त नहीं किए जा सकते।
बिहार पुलिस की तस्वीर पर क्लिक कर सुनें थानेदार की बदतमीजी को।

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